आयुर्वेद : आयुष पोडकास्ट : Ayurveda Podcast
आयुर्वेद सभी को यह ज्ञान देता है कि व्यक्ति को क्या करना चाहिये जिससे वह स्वस्थ्य रहे और अगर वह अस्वस्थ हो जाये तो ऐसा क्या करे, जिससे वह पुन: स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर ले । आयुर्वेद विश्व की सबसे प्राचीन चिकित्सा विज्ञान है , जो लगभग ५००० पांच हज़ार साल पुराना है ।
Constipation यानी कब्ज यानी पेट का साफ न होना
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सभी लोग जब सुबह सोकर उठ्ते हैं तो इस बात कि तमन्ना जरुर होती है कि कब उनको जल्दी से मल की हाजत लगे और कब वे Toilet में जाकर पाखाना करें और जितनी जल्दी हो सके , उतनी जल्दी धड़ाम से एक ही झट्के में सारा का सारा मल बाहर निकल आवे । पेट साफ करने के चक्कर में लोग कई कई बार toilet जाते है, इसके बाव्जूद भी उनको लगता है कि पेट अभी साफ़ नहीं हुआ है ।
लेकिन ऐसा सबके साथ होता हो, यह सच्चाई तब सामने आ जाती है, जब करीब करीब ९५ प्रतिशत शहरी लोग यह शिकायत करते है कि उनको सुबह पखाना साफ न होने की शिकायत है । ऐसा नहीं है कि यह शिकायत सिर्फ़ शहर के लोगों को है, ग्रामीण क्षेत्रॊं में भी लगभग १० प्रतिशत लोग शिकायत करते हैं कि उनका पेट सुबह साफ़ नहीं होता ।
दरअसल कब्ज होने की यह शिकायत सभी व्यक्तियों के खान पान, रहन सहन, आचार विचार, मानसिक स्तिथि, श्रम, मौसम, कार्य की परिस्तिथियां आदि आदि से जुड़ी हुयी है । हमारी बड़ी आंत क्रमश: Ascending colon, Transverse colon, Decending colon, Sigmoid colon और Rectum आदि के हिस्सों से मिलकर बनी है । शरीर का Autonomic Nervous System इसकी गतिविधियों को control करता है और काफी कुछ इसकी कार्य प्रणाली इसी सिस्ट्म पर अधारित है । पाखाना होने की तेज हाजत लगना या न लगना या कम लगना , सब कुछ कई एक समीकरणों पर आधारित है ।
कई बीमारियां होती हैं , जिनमें रोगी को बहुत तगड़ा कब्ज होता है, ये स्तिथि निम्न बीमारियॊं कि अवस्थाओं में अधिक होता है ।
1- Brain stroke
2- Brain Heamorrhage
3- Paralysis
4- Intestinal Tuberculosis
5- Intestinal cancer
6- Liver cancer
7- Cancer of digestive system
8- Loss of parestalitic movement of intestines
9- Any other complaints, which is related to Large intestine as often seen in Viral infection and its syndromes
इस प्रकार की तकलीफों में कब्ज मरीज को बहुत परेशान करता है ।
Posted by Dr. Desh Bandhu Bajpai at 10:43 AM |
Sunday, Nov 23, 2008Garlic यानी लहसुन के ऒषधीय उपयोग
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इसे Latin भाषा में Allium sativum और अंग्रेज़ी भाषा में Garlic कहते हैं । यह रसायन औषधि है और इसे सभी बीमारियों में उपयोग कर सकते हैं ।
Posted by Dr. Desh Bandhu Bajpai at 6:38 PM |
Tuesday, Nov 18, 2008संधिवात, गठिया वात, जोड़ों का दर्द, वात विकार ; Rheumatism, Arthritis, Joints Problem
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Relating to Joints problems ; इस प्रसारण में मानव शरीर के जोड़ों और सन्धियों में होने वाली बीमारी संधिवात, गठिया वात, जोड़ों का दर्द, वात विकार यानी Rheumatism, Arthritis, Joint's pain, Osteoarthritis आदि के बारे में बताया जा रहा है ।
इस बीमारी को लोग बहुत सामान्य बीमारी समझते हैं । लेकिन जिन्हें यह तकलीफ होती है, उन्हें इसका अन्दाजा तब लगत है, जब दर्द असहनीय स्तिथि में होनें लगता है और शरीर की गतिविधियों पर असर पड़ना शुरु हो जाता है ।
सुनिये, क्या कहते हैं Dr. D.B. Bajpai इस सम्बन्ध में .......................




